डेविड की अपने पैरों पे खड़े होने के इस भावना ने सतीश को अभिबूथ कर दिया।
अग्निपट अग्निपट
संज्ञा
भावः वाचक संज्ञा
कवि हरिवंच राइ बचन
क्लास में हसना छोड दे। हसना हो तो घरपे, अपने नीच माता पिता के सामने हसो।
सर, स्कूल में आप ही हमारे नीच माता पिता है!
Saturday, December 13, 2008
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