Saturday, December 13, 2008

डेविड की अपने पैरों पे खड़े होने के इस भावना ने सतीश को अभिबूथ कर दिया।


अग्निपट अग्निपट


संज्ञा
भावः वाचक संज्ञा

कवि हरिवंच राइ बचन


क्लास में हसना छोड दे। हसना हो तो घरपे, अपने नीच माता पिता के सामने हसो।

सर, स्कूल में आप ही हमारे नीच माता पिता है!

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